पटना: बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी में दाखिले की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। लोकभवन से जारी निर्देश के बाद राज्य के कई विश्वविद्यालयों में पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PAT) की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। अब पीएचडी कार्यक्रमों में नामांकन यूजीसी नेट (UGC-NET), जेआरएफ (JRF) और अन्य निर्धारित पात्रता स्कोर के आधार पर किया जाएगा।
हालांकि, जिन विश्वविद्यालयों में पीएचडी प्रवेश परीक्षा पूरी हो चुकी है और नामांकन प्रक्रिया संपन्न हो गई है, वहां के छात्रों पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। पटना विश्वविद्यालय और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में पहले ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और छात्रों का कोर्स वर्क भी शुरू हो गया है।
मगध विश्वविद्यालय ने रद्द की PAT-2024 और PAT-2025 प्रक्रिया
लोकभवन के निर्देश और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की 28 मार्च 2024 की अधिसूचना के आलोक में मगध विश्वविद्यालय, बोधगया ने शैक्षणिक सत्र 2024 और 2025 के लिए आयोजित होने वाली पीएचडी प्रवेश परीक्षा को रद्द कर दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने 13 अप्रैल 2026 को जारी विज्ञापन के तहत पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन नए आदेश के बाद पूरे विज्ञापन को वापस लेते हुए प्रवेश परीक्षा संबंधी प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है।
अभ्यर्थियों को लौटाई जाएगी परीक्षा शुल्क राशि
मगध विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा शुल्क राशि उनके बैंक खातों में वापस कर दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर चुका है।
तिलका मांझी विश्वविद्यालय में भी लौटेगा शुल्क
तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में भी पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए करीब 1200 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि आवेदन शुल्क लौटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और संबंधित अभ्यर्थियों के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
जिनका नामांकन हो चुका, उनकी पढ़ाई जारी रहेगी
लोकभवन ने स्पष्ट किया है कि जहां पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं हुई है, वहां आगे कोई परीक्षा नहीं होगी। वहीं जिन विश्वविद्यालयों में परीक्षा और नामांकन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, वहां कोर्स वर्क और शोध कार्य पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) में शैक्षणिक सत्र 2024 और 2025 के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा लगभग छह महीने पहले आयोजित हो चुकी है। यहां छात्रों का कोर्स वर्क भी पूरा हो चुका है, इसलिए उनके शोध कार्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
NET-JRF स्कोर से मिलेगा प्रवेश
नए नियम के तहत अब बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन UGC-NET, JRF और अन्य मान्य स्कोर के आधार पर किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षाओं को अधिक महत्व मिलेगा और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की जाएगी।

