Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    NCERT की नई किताब में बड़ा बदलाव: अब 9वीं के छात्र पढ़ेंगे SIR और 1975 की इमरजेंसी, बदला संविधान पढ़ाने का तरीका

    June 27, 2026

    बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर? नीतीश को दिल्ली बुलाने की तैयारी, जानें क्या है पीएम मोदी का ‘मास्टर प्लान’

    June 27, 2026

    Maharashtra TET 2026: पेपर लीक की आशंका के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा स्थगित, नई तारीख जल्द

    June 27, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»झारखण्ड»मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिमडेगा में खतियानी जोहार यात्रा को किया संबोधित , कहा – हमने दिखा दिया कि यहां का आदिवासी और मूलवासी गद्दी पर बैठ सकता है
    झारखण्ड

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिमडेगा में खतियानी जोहार यात्रा को किया संबोधित , कहा – हमने दिखा दिया कि यहां का आदिवासी और मूलवासी गद्दी पर बैठ सकता है

    Koylanchal SamvadBy Koylanchal SamvadJanuary 23, 2023No Comments3 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    सिमडेगा: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को सिमडेगा में खतियानी जोहार यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि हम जब 1932 के आधार पर नौकरी का कानून लेकर आए, तो दूसरे राज्यों से लोग  आए और उसको खारिज करवाया। यूपी और बिहार के लोगों ने कोर्ट में केस किया, यहां के एक आदिवासी को आगे करके ये काम किया गया। ये बेईमान लोग ऐसे ही काम करवा रहे, यूपी बिहार के लोगों के पेट में दर्द क्यों हो रहा। हमने एक्ट बनाकर नौवीं अनुसूची में डालने के लिए भेजा है। जब राज्य अलग हुआ, तो ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण मिलता था, जिसको 14 फीसदी कर दिया। हमारी सरकार ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का काम किया। ये लोग कहते हैं, जो 1932 के खतियान को हाथ लगाएगा, वो जल जाएगा। श्री सोरेन ने कहा कि सिमडेगा राज्य का सीमावर्ती जिला है, हम यहां खेल को प्रोत्साहित करने के लिए पहले आए। हम कई बार सिमडेगा जिले का दौरा कर चुके हैं, इस बार खतियानी यात्रा के लिए आए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खतियानी यात्रा का मतलब लोगों को बताया। बोले– हमें बार– बार संघर्ष करके अपना परिचय देना पड़ता है। जल जंगल जमीन को बचाने के लिए यहां के लोगों ने शहादत दी।
    उन्होने कहा कि आदिवासी और पिछड़े अपने अधिकार के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहते हैं। अभी हमारा विपक्ष राज्य की जनता को भ्रमित करने में लगा है। जब राज्य के लिए आंदोलन शुरू हुआ, तो कहा जाता था, ये अलग राज्य नहीं ले पाएंगे। राज्य बनने में बहुत समय लग गया, तमाम लोग शहीद हुए। हर बात पर विपक्षी हमें चुनौती देते रहे हैं, ये सही है, इन लोगों ने 20 साल तक राज किया। 2019 में हमने कमर कसी और 20 साल के राज को उखाड़ कर फेंक दिया। हमने दिखा दिया कि यहां का आदिवासी और मूलवासी गद्दी पर बैठ सकता है।
    श्री सोरेन ने कहा कि हम लोगों का सारा हक और अधिकार यही लोग लूट कर ले जाते रहे। हमारी सरकार बनते ही कोरोना को चुनौती आकर खड़ी हो गई। 20 सालों में राज्य की ऐसी स्थिति बना दी, राज्य की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। हमारे राज्य के 20 से 25 लाख मजदूर फंस गए थे। कोरोना के समय भी हम किसी को ट्रेन, किसी को हवाई जहाज से लाकर घर पहुंचाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने से पहले की सरकार निशाना साधते हुए कहा कि इनकी नीतियों से तमाम फैक्ट्रियां बंद हो गईं। हम सरकार ने किसी को भूख से नहीं मरने दिया। दो साल तक ऐसी स्थिति बनी रही, दो साल बाद काम शुरू हुआ, तो इनको दर्द होने लगा। हमारी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र करना शुरू कर दिया। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में सब पंचायतों में अधिकारी और नेता गए। 20 साल में कभी अधिकारी कमरे से नहीं निकले थे, अब सब जगह जा रहे। हमको शिविर के जरिए 65 लाख शिकायत मिली। राज्य की मुख्य मांगों का समाधान किया जा रहा, सब योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा। हमने साठ साल से ज्यादा उम्र के हर व्यक्ति को पेंशन देने का कानून बना दिया।कोई विधवा और दिव्यांग भी अब पेंशन से वंचित नहीं है। हमने 20 लाख लोगों को नए कार्ड बनाकर दिए। हमने केंद्र सरकार से अनाज मांगा, पर नहीं मिला। खुले बाजार से हम अब राशन खरीद कर देने की स्कीम लेकर आए। सावित्री बाई फुले योजना लागू करने का काम राज्य ने किया। अब राज्य का कोई भी बच्चा नौकरी करना चाहता है, तो उसको हम कोचिंग देंगे। इस साल पहली बार जेपीएससी से 250 बच्चों को बहाल किया। इसमें 33 ऐसे बच्चे थे, जो बीपीएल परिवार से हैं।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Koylanchal Samvad
    • Website
    • Facebook
    • Instagram

    Related Posts

    झारखंड में मौसम का बड़ा अलर्ट! 20 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का खतरा, IMD की चेतावनी

    June 27, 2026

    JAC ने छात्रों को बड़ी राहत: प्रमाण पत्रों में त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 30 सितंबर 2026 तक करें आवेदन

    June 26, 2026

    बिहार में चीनी उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन, नई चीनी मिलों के लिए ₹1 में मिलेगी 40 एकड़ जमीन

    June 26, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • NCERT की नई किताब में बड़ा बदलाव: अब 9वीं के छात्र पढ़ेंगे SIR और 1975 की इमरजेंसी, बदला संविधान पढ़ाने का तरीका
    • बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर? नीतीश को दिल्ली बुलाने की तैयारी, जानें क्या है पीएम मोदी का ‘मास्टर प्लान’
    • Maharashtra TET 2026: पेपर लीक की आशंका के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा स्थगित, नई तारीख जल्द
    • झारखंड में मौसम का बड़ा अलर्ट! 20 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का खतरा, IMD की चेतावनी
    • तेज प्रताप यादव के घर चोरी मामला: गवाह के परिवार को मिली धमकी, ड्राइवर ने मांगी पुलिस सुरक्षा
    • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में, चंपत राय के इस्तीफे की खबरों का ट्रस्ट ने किया खंडन
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.