Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    रक्षाबंधन पर होटवार जेल के बाहर उमड़ी बहनों की भारी भीड़, भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं बहनें

    August 28, 2026

    झारखंड : SIR समीक्षा में सीइओ का निर्देश, एक ही खतियान से जुड़ी वंशावली वाले मतदाताओं की करें जांच

    August 28, 2026

    जनगणना कर्मियों को 2004 से दें पेंशन, झारखंड हाई कोर्ट ने दी बड़ी राहत

    August 28, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»राष्ट्रीय»उत्तराखंड के देवप्रयाग में बादल फटने से आया जलसैलाब
    राष्ट्रीय

    उत्तराखंड के देवप्रयाग में बादल फटने से आया जलसैलाब

    Koylanchal SamvadBy Koylanchal SamvadMay 12, 2021No Comments2 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    उत्तराखंड: टिहरी जिले के देवप्रयाग में मंगलवार को बादल फटने से जलसैलाब आ गया। इस जनसैलाब के बहाव में नगरपालिका भवन और आईटीआई बिल्डिंग समेत कई भवन जमींदोज हो गए। इसके साथ ही कम से कम 8 दुकानें डूबकर पूरी तरह से तबाह हो गईं। हालांकि, इस घटना में कहीं से भी जनहानि की खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि कोरोना कर्फ्यू के कारण इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।

    उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि टिहरी के देवप्रयाग थाना क्षेत्र में आज बादल फटने की घटना हुई है, जिसमें 7-8 दुकानों और आईटीआई की बिल्डिंग को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और राहत और बचाव में जुट गई हैं।

    गलवार शाम करीब चार बजे दशरथ पहाड़ पर बादल फटने से देवप्रयाग से निकलने वाली शांता नदी में सैलाब आ गया। शांता नदी यहां बस अड्डे से शांति बाजार होते हुए भागीरथी में मिलती है। सैलाब के साथ आए भारी बोल्डरों ने बाजार में तबाही मचा दी। आईटीआई की तीन मंजिला बिल्डिंग जमींदोज हो गई। आईटीआई भवन में स्थित कम्प्यूटर सेंटर, निजी बैंक समेत कई दुकानें ध्वस्त हो गईं। इसके अलावा शांता नदी पर बनी पुलिया और सड़क सहित वहां मौजूद ज्वेलर्स, कपड़े, मिठाई आदि की दुकानें भी ध्वस्त हो गईं।

    इस जलसैलाब से शांति बाजार में करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान है। पुलिस को अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। सैलाब से हुई तबाही के मलबे में किसी के दबने को लेकर भी फिलहाल स्थिति साफ नही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के कारण आईटीआई सहित बाजार की दुकानों के बंद रहने और लोगों के घरों में रहने के कारण भारी जानमाल का नुकसान होने से बच गया। अगर कर्फ्यू की स्थिति नहीं होती तो बड़ी संख्या में जन हानि हो सकती थी। टिहरी एसएचओ ने बताया कि लोगों को अलर्ट कर दिया गया है और रेस्क्यू का काम चल रहा है।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Koylanchal Samvad
    • Website
    • Facebook
    • Instagram

    Related Posts

    चीनी महंगी हुई तो सरकार ने कसा शिकंजा, जमाखोरी पर नई पाबंदी लागू

    August 21, 2026

    बिहार समेत कई राज्यों को मोदी कैबिनेट का तोहफा, 5 बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर लगी मुहर

    August 19, 2026

    भिंड-ग्वालियर हाईवे पर मौत का तांडव! पिकअप और डंपर भिड़े, 8 की मौत

    August 18, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • रक्षाबंधन पर होटवार जेल के बाहर उमड़ी बहनों की भारी भीड़, भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं बहनें
    • झारखंड : SIR समीक्षा में सीइओ का निर्देश, एक ही खतियान से जुड़ी वंशावली वाले मतदाताओं की करें जांच
    • जनगणना कर्मियों को 2004 से दें पेंशन, झारखंड हाई कोर्ट ने दी बड़ी राहत
    • रांची में CBI की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते अकाउंट ऑफिसर गिरफ्तार, दो अन्य हिरासत में
    • वेस्ट सिंहभूम T20 लीग का क्रिकेट फीवर शुरू, चाईबासा में ट्रॉफी का हुआ अनावरण
    • झारखंड में सरकारी डॉक्टरों पर सख्ती, दिन में दो बार होगी फेस बायोमेट्रिक हाजिरी
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.